साइबर ठगों ने सरकारी योजनाओं का लालच देकर गांवों में कैंप लगाकर 500 से अधिक बैंक खाते खुलवाए, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन में किया जाता था।
HIGHLIGHTS
सरकारी योजनाओं का लालच देकर गांवों में साइबर ठगी के कैंप।
ग्रामीणों के नाम पर 500 से अधिक बैंक खाते खुलवाए गए।
पटना पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया।
सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर गांवों में कैंप लगाया जाता था। सामने बैठती थीं ग्रामीण महिलाएं और पीछे से तैयार हो रहा था साइबर ठगी का पूरा नेटवर्क।
किसी को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ दिलाने का भरोसा, किसी को मनरेगा जॉब कार्ड तो किसी को शौचालय निर्माण की राशि दिलाने का झांसा दिया जा रहा था। इसके बाद ग्रामीणों के नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड निकलवाए जाते थे।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इन खातों को बाद में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल किया जाता था। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई और साइबर थाना पटना की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
बाढ़ के सलेमपुर निवासी सीता कुमारी को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उसके द्वारा गिरोह के 500 से अधिक बैंक खाते खुलवाने की जानकारी देने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है
गांव-गांव में कैंप, बैंक खाते का खेल
गिरोह के सदस्य पहले गांव में कैंप के लिए जगह तय करते थे। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को सरकारी योजना का लाभ दिलाने का लालच देकर बुलाया जाता था। कैंप में पीओएस एजेंट सिम निकालते थे।
