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फेसबुक पर दिखा ऑनलाइन ट्रेडिंग का विज्ञापन, टेक प्रोफेशनल से ठगे 1.9 करोड़ रुपये, आप भी रहें सावधान!

Site Admin September 29, 2026 18 views


बेंगलुरु में 47 साल के टेक प्रोफेशनल से फेसबुक पर दिखे ऑनलाइन ट्रेडिंग विज्ञापन के जरिए 1.9 करोड़ रुपये की कथित ठगी हुई. पीड़ित को फर्जी ट्रेडिंग  प्लेटफॉर्म पर निवेश के लिए राजी किया गया. पढ़ें पूरी कहानी. 

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बेंगलुरु में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक टेक प्रोफेशनल से 1.9 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है. पीड़ित को फेसबुक पर ऑनलाइन  ट्रेडिंग से जुड़ा एक आकर्षक विज्ञापन दिखाई दिया था. विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद कुछ लोगों ने खुद को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधि और सलाहकार के तौर पर उसके समने पेश किया. फिर उसे निवेश में अच्छा मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर उसके साथ ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया. 

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, पीड़ित पूर्वी बेंगलुरु के वाराणसी इलाके का रहने वाला है. शिकायत के अनुसार, यह कथित धोखाधड़ी 27 फरवरी से 9 सितंबर  के बीच हुई. फेसबुक पर विज्ञापन देखने के बाद आरोपियों ने उससे संपर्क किया और ट्रेडिंग में मार्गदर्शन देने के बहाने उसे एक प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए तैयार किया.

पीड़ित ने आरोपियों के कहने पर एक वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाया. जिस पर दावा किया गया था कि इसे एक कंपनी संचालित करती है. वेबसाइट के मुताबिक यह कंपनी म्वाली द्वीप, कोमोरोस में रजिस्टर्ड थी. पीड़ित ने 27 फरवरी से इस प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग शुरू की. इसके बाद उसकी नियमित बातचीत राजा एस नाम के एक व्यक्ति से होने लगी, जिसने खुद को अकाउंट मैनेजर बताया और ट्रेडिंग व लेनदेन को लेकर उसे दिशा-निर्देश दिए. 

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शिकायत के मुताबिक, अगले कई महीनों में पीड़ित ने ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर की. शुरुआत में वह कुछ सीमित रकम निकाल पाने में सफल रहा, लेकिन बाद में उसे अपने पैसे को लेकर शक होने लगा. उसने जब निवेश की गई रकम निकालने की कोशिश की तो कथित तौर पर उसे रकम निकालने के बजाय आगे ट्रेडिंग करने और अतिरिक्त पैसे की व्यवस्था करने के लिए कहा जाता रहा. इस दौरान उसे और रकम लगाने के लिए तैयार करने की कोशिश की गई. 

9 सितंबर को पीड़ित ने अपने पैसे निकालने के लिए खास तौर पर अनुरोध किया. शिकायत के अनुसार, 48 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी उसकी निकासी की मांग पूरी नहीं हुई. इसके बजाय उसे बताया गया कि रकम निकालने की प्रक्रिया मुश्किल और काफी लंबी है. आरोप है कि पैसे जारी करने के नाम पर उससे लाखों रुपये की रकम की व्यवस्था करने को कहा गया. 

तब जाकर पीड़ित को समझ आया कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है. पीड़ित ने पुलिस को उन कई लोगों के नाम भी बताए, जिन्होंने कथित तौर पर उससे संपर्क किया था. पीड़ित ने पुलिस से इन लोगों की पहचान और कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से उनके संबंधों की जांच करने की  मांग की है. 

शिकायत के मुताबिक, 27 फरवरी से 9 सितंबर के बीच हुए सभी लेनदेन में पीड़ित को कुल 1.9 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. उसने मामले की जानकारी साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी दी थी. अब ईस्ट साइबर क्राइम पुलिस मामले की जांच कर रही है .


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